how ncb work in india

NCB क्या है और कैसे काम करती है | पूरी जानकरी

हाय हेलो नमस्कार दोस्तों मैं सिया मलिक बार एक और World Affairs ब्लॉग पर आप सभी का एक बार फिर से स्वागत है आज इस ब्लॉग में हम जो बात करने वाले हैं उससे पहले मैं आपको यह बताना चाहूंगी कि हम जिस सोसाइटी का हिस्सा है उसमें अपनी फ्रीडम और सेफ्टी को बनाए रखते हुए हर कोई अपनी लाइफ तभी इंजॉय कर सकता है |

जो गवर्नमेंट ऐसे नियम बनाए जो सिटीजंस की सफेटी फ्रीडम ऑफ ह्यूमन राइट्स को प्रोटेक्शन दें और सिटीजंस लॉस को फॉलो करें इसके लिए जरूरी है कि कुछ ऐसे कानून हो कुछ ऐसी एजेंसीज हो जो सोसाइटी में देश में होने वाली इलीगल एक्टिविटीज पर लगाम लगा सकें कड़े से कड़े कदम उठा सके |

ED & CBI NCB नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो
ED & CBI

और हर एंटी सोशल एक्टिविटी करने वालों को समाज से बाहर निकाल सके और इंडिया में भी ला एनफोर्समेंट एंड इन्वेस्टिगेशन एजेंसी है जो इन लॉस को लागू कर ती है |

और यह एजेंसीज है ED एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट सीबीआई (CBI) सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (NCB) नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो इनमे ED इंडिया की Economic Crime से फाइट करती है और सीबीआई करप्शन और क्राइम को इन्वेस्टिगेट करती है NCB ड्रग्स रिलेटेड केसो का इन्वेस्टिगेशन करती है |

अब आप बताइए कि मुंबई रेव पार्टी केस कौन सी एजेंसी के अंडर आएगा बिल्कुल सही जवाब एनसीबी के अंडर कियूकि ये एक ड्रग्स केस है और ड्रग्स केस एनसीबी हैंडल करती है और जैसे जैसे ड्रग्स से जुड़ी न्यूज़ सामने आ रही है |

न्यूज़ ब्लॉग न्यूज़पेपर और सोशल मीडिया के जरिये बड़ी हैरानी हो रही है कि इंडिया कब ड्रग्स के ऐसे जाल में फस गया और ऐसे में जो एजेंसीज इंडिया में ड्रग्स को कंट्रोल करने के लिए काम कर रही है उसके बारे में हमे जानना चाहिए तो चलिये आपके साथ आज हम ऐसी ही जानकारी शेयर करते है |

ACT 1985 नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो NCB
ACT 1985

ताकि कुछ तो अवेयरनेस स्प्रेड हो सके इसीलिए आज के ब्लॉग में हम एनसीबी के बारे में ही डिटेल में बात करेंगे यानी कि एनसीबी क्या है कैसे काम करती है ऐसी बहुत सारी बातें पर उससे पहले हम जानेगे के ये नारकोटिक्स ड्रग्स क्या है और यह कैसे side-effects देती है नारकोटिक्स का मतलब होता है नशीले पदार्थ जिनमे हेरोइन गांजा चरस अफीम ये सब शामिल है |

इसी से रिलेटेड एक और टर्म होती है साइकॉट्रॉपिक सब्सटेंसस जो ऐसी ड्रग्स या सब्सटेंसस होते हैं जो ब्रेन की फंक्शन को अफेक्ट करते हैं इनमे अल्कोहल कैफ़ीन निकोटिन मारिजुआना और कुछ पेन मेडिसिंस आती है ये नारकोटिक्स ड्रग्स और साइकॉट्रॉपिक सब्सटेंसस में ऐसे केमिकल्स होते हैं |

जो बॉडी और ब्रेन को अफेक्ट करते हैं कुछ पलों का आराम देने वाले ड्रग्स जिंदगी बरबाद कर देती है हमारे इम्मुएन सिस्टम को कमजोर कर देते है और इससे हार्ट अटैक का रिस्क काफी बढ़ जाता है मेंटल कन्फ्यूजन ब्रेन डैमेज वीक मेमोरी और भी न जाने क्या क्या साइड इफेक्ट होते हैं उनके जब ये ड्रग्स लेने वाला इन सब से बाहर आता है तो उसे मिलती है|

फ़िज़िकल मेटल और इमोशनल वीकनेस सूइसाइडल टेंडेंसी चौपट करियर और डिप्रेस्ड फैमिली वैसे आपने उड़ता पंजाब दम मारो दम और संजु जैसी मूवीस में ड्रग्स के इस डरावने चेहरे को शायद करीब से देखा भी होगा तो ये ड्रग्स बहुत सी ज़िंदगियाँ बर्बाद ना कर सके |

सीलिए नारकोटिक्स ड्रग्स का प्रोडक्शन करना इन्हें मैन्युफैक्चरर करना इंडिविजुअल लेवल पर यूज करना खरीदना बेचना ट्रांसपोर्ट करना और इम्पोर्ट एक्सपोर्ट करना इल्लीगल है और इन एक्टिविटीज में शामिल लोगों को और पनिशमेंट मिलता है और पनिशमेंट दिलाने वाली एजेंसी है NCB जो ड्रग्स को इंडिया से बाहर फेक देना चाहती है |

इसीलिए अब जानते हैं एनसीबी के बारे में एनसीबी इंडिया की एक इन्वेस्टिगेशन एजेंसी है जिसे 17 मार्च 1986 को नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकॉट्रॉपिक सब्सटेंसस एक्ट 1985 के अंडरएस्टब्लिश किया गया ये एजेंसी गवर्नमेंट ऑफ इंडिया की मिनिस्ट्री ऑफ होम अफेयर्स के अंडर आती है |

NCB का मोटो है इंटेलिजेंस इंफोर्समेंट एनड कोरडीनेशन और एनसीबी का विस्न है एंडेयवोर फॉर आ ड्रग फ्री सोसाइटी एनसीबी के डायरेक्टर जनरल है श्री सत्यनारायण प्रधान आपको बता दे के एनसीबी का डायरेक्टर जनरल आईपीएस या आईआरएस ऑफिसर होता है और इस ऑर्गेनाइजेशन में इंडियन रेवेन्यू सर्विस इंडियन पुलिस सर्विस और अदर पैरामिलिट्री फोर्स ऑफिसर शामिल किए जाते हैं |

एनसीबी का हेड क्वार्टर नई दिल्ली में और इसके ज़ोनल और सबज़ोनल ऑफिस भी है अहमदाबाद बेंगलुरु चंडीगढ़ चेन्नई दिल्ली गुवाहाटी इंदौर जम्मू जोधपुर कोलकाता लखनऊ मुंबई और पटना में एनसीबी के जोनल ऑफिस है |

और इन शहरों में एनसीबी के सबज़ोनल ऑफिस भी है अजमेर अमृतसर भुवनेश्वर देहरादून गोवा हैदराबाद एमपाल मंदसौर मदुरई मंदिर रायपुर रांची और कोच्चि एनसीबी की जोनल और सब जोनल ऑफिस मिलकर के ड्रग और सब्सटेंस एब्यूज की इंफॉर्मेशन कलेक्ट करते हैं |

और फिर पुलिस और दूसरे गवर्नमेंट ऑर्गेनाइजेशंस के साथ मिलकर ऐसी एक्टिविटीज में शामिल गिरोह को पकड़कर सजा दिलाते है एनसीबी का मेन पर्पस ऑल इंडिया लेवल पर ड्रग को खतम करना और इसके लिए NCB स्टेट डीपार्टमेंट सीबीआई सीइआइबी और दूसरी इंडियन इंटेलिजेंस एंड लॉ एनफोर्समेंट एजेंसीज के साथ मिलकर काम करती है |

एनसीबी इंटरनेशनल कन्वेंशंस का हिस्सा है उनकी गाइडलाइंस और एथिक्स को फॉलो करना भी NCB की ड्यूटी होती है एनसीबी नशीले पदार्थों की तस्करी से लड़ने के लिए भारत की ड्रग लो एनफोर्समेंट एजेंसीज के कर्मियों को रिसोर्सेज और ट्रेनिंग भी दिया करती है |

NCB जिस एनडीपीएस एक्ट के तहत एस्टेब्लिश हुई है वह एनडीपीएस एक्ट बहुत ही सख्त है और इसकी पेनल्टीस भी बहुत सख्त हुआ करती है ड्रग की इंडिविजुअल स्मॉल क्वांटिटी और कमर्शियल क्वांटिटी के बेस पर पेनल्टी डिसाइड रखी गई है जैसे कोकेन की इंडिविजुअल क्वांटिटी 2gm पाये जाने पर उसके एकोर्डिंग पेनल्टी लगती है |

और कमर्शियल क्वांटिटी 100gm पाये जाने पर उसके एकोर्डिंग पेनल्टी लगती है ये पेनल्टी 10 से 20 साल की जेल और 1 से 2 लाख र तक के जुर्माने तक की भी हो सकती है जिसे दृग टाइप ऑफ क्वांटिटी के बेस पर डिसाइड किया गया है और कुछ ऐसे केस जिनमे इस क्राइम को रिपीट किया जाता रहे उस में डैथ पेनल्टी भी दी जा सकती है |

(NCB) नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो NCB
Punishment in Drug Case

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो क्योंकि इन्वेस्टिगेशन एजेंसी है इस लिए इस पर आरटीआई लागू नहीं होता यह एजेंसी अपना काम सिक्रेटली कर सके इसीलिए से आरटीआई के दायरे से बाहर रखा गया है लेकिन अगर इन्फॉर्मेशन corruption के आरोप या ह्यूमनराइट के उलंगन से जुड़ी हो तो एनसीबी भी आरटीआई के दायरे में आ सकती है |

लेकिन अफसोस की बात है के इंडिया की ये एजेंसी इतनी सख्ती से काम कर रही है और ड्रग्स के केस में सजा भी सकते हैं लेकिन फिर भी दृग का ये जाल फैलता ही जा रहा है हर एज ग्रुप खासकर नोजवान, अपनी लाइफ को सक्सेसफुल और प्रोग्रेसिव बनाने पर फोकस करना चाहिए वो अपनी लाइफ को बर्बाद कर रहे है |

और ये एडिक्शन अब करोड़ों में फैल चुका है सोसाइटी का हर तबका गरीब अमीर इसकी लत में डूबता जा रहा है ऐसे में एनसीबी तो देश से ड्रग्स को मिटाने के लिए लगातार जुटी हुई है लेकिन आप इसमें क्या कॉन्ट्रिब्यूशन दे सकते हैं |

आप खुद को इस लत से दूर रख सकते हैं बच सकते हैं जो ट्रक एडिक्शन को फैशन स्टेटमेंट समझती है कूल समझती है और इस तरीके से आप अपनी और अपनी फैमिली की अपनी सोसाइटी की और अपने देश की मदद कर सकते हैं तो आप ऐसा करेंगे ना और अगर आपने किसी को देखा है कि कोई ड्रग्स ले रहा है |

तो आप उसकी हेल्प भी कर सकते हैं बहुत सारे जरिये है एनजीओ है और इसके लिए हॉस्पिटल भी है आप डॉक्टर से डिस्कस कर सकते हैं क्योंकि यह एक जिंदगी की का नहीं बल्कि बहुत सारे ज़िंदगियों का सवाल है बस प्रॉब्लम यह है कि शुरुआत में हमें दुनिया बड़ी रंगीन दिखाई देती है |

(NCB) नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो
Bad Habit

और उसके बाद वह किसी नर्क से कम नहीं तो यह जानकारी आपको अच्छी लगी हो तो प्लीज इसे ज्यादा से ज्यादा लोगों के साथ शेयर करना बिल्कुल ना भूलें और ड्रूग लाइफ बनाता नहीं बल्कि बरबाद करता है ये इल्लीगल है और जहां ड्रग्स है वहां एनसीबी भी है |

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और अगर आप पहली बार इस ब्लॉग पर आए हैं तो आपको बता दें कि आपके नॉलेज इनक्रीस करने के लिए आपको एडुकेशन कैरियर और मोटिवेशन बेस्ट ब्लॉगस यूं ही जल्दी-जल्दी मिल सके इसके लिए World Affairs ब्लॉग को अभी के अभी सब्सक्राइब करके Bell Icon को प्रेस कर दीजिए तो अपने साथ-साथ अपने आसपास वालों का भी ध्यान रखे और हमेशा ऐसी चीजों से सतर्क रहें दूरी बनाए रखे धन्यवाद |

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